eSahkari ई-सहकारी
eSahkari ई-सहकारी
eSahkari (ई-सहकारी) बिहार सरकार के सहकारिता विभाग का आधिकारिक पोर्टल है। यह पोर्टल मुख्य रूप से किसानों और सहकारी समितियों के लिए डिजिटल सेवाएँ प्रदान करता है।
eSahkari पोर्टल की मुख्य सेवाएँ:
| 1. फसल सहायता योजना (BRFSY): प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल क्षति होने पर सहायता राशि के लिए आवेदन करना, कागजात अपलोड करना और आवेदन की स्थिति (Status) देखना। 2. अधिप्राप्ति (Procurement): धान, गेहूँ और अन्य फसलों की सरकारी खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और आवेदन। 3. कृषि यंत्र योजना: मुख्यमंत्री कृषि यंत्र योजना के तहत कृषि उपकरणों पर मिलने वाली सब्सिडी के लिए आवेदन और उसकी मॉनिटरिंग। 4. PACS/व्यापार मंडल: प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के सदस्यों का विवरण और उनके कार्यों का प्रबंधन। |
eSahkari पोर्टल क्या है?
| eSahkari बिहार सरकार के सहकारिता विभाग द्वारा विकसित एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दिलाना, फसल क्षति की स्थिति में वित्तीय सहायता प्रदान करना और सहकारी समितियों (जैसे PACS) के कामकाज में पारदर्शिता लाना है। |
प्रमुख सेवाएँ और उनके लाभ
| क. बिहार राज्य फसल सहायता योजना (BRFSY) यह योजना पारंपरिक ‘फसल बीमा’ से अलग है। इसमें किसानों को प्रीमियम नहीं भरना पड़ता, बल्कि सरकार स्वयं नुकसान की भरपाई करती है। पात्रता: रैयत (भूस्वामी) और गैर-रैयत (बटाईदार) दोनों किसान आवेदन कर सकते हैं। सहायता राशि: यदि फसल का नुकसान 20% तक है, तो ₹7,500 प्रति हेक्टेयर। यदि नुकसान 20% से अधिक है, तो ₹10,000 प्रति हेक्टेयर की सहायता दी जाती है। दस्तावेज: आधार कार्ड, बैंक पासबुक, भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र (LPC) या स्व-घोषणा पत्र। ख. धान एवं गेहूँ अधिप्राप्ति (Procurement) बिहार के किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए सरकार पैक्स (PACS) और व्यापार मंडल के माध्यम से अनाज खरीदती है। पंजीकरण: पोर्टल पर किसानों को रबी (गेहूँ) और खरीफ (धान) सीजन के लिए अलग-अलग पंजीकरण करना होता है। भुगतान: अनाज बेचने के बाद राशि सीधे किसान के आधार-लिंक्ड बैंक खाते (DBT) में भेजी जाती है। महत्व: यह बिचौलियों की भूमिका को समाप्त करता है और MSP सुनिश्चित करता है। ग. मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना छोटे और सीमांत किसानों के पास महंगे कृषि यंत्र खरीदने की क्षमता नहीं होती। इस योजना के तहत: PACS और व्यापार मंडलों को कृषि यंत्र बैंक के रूप में विकसित किया गया है। किसान इस पोर्टल के माध्यम से ट्रैक्टर, कंबाइन हार्वेस्टर और अन्य आधुनिक मशीनें किराए पर लेने के लिए आवेदन या बुकिंग कर सकते हैं। घ. पैक्स (PACS) का सुदृढ़ीकरण पोर्टल सहकारी समितियों के डेटाबेस को बनाए रखता है। इसमें नए सदस्यों का ऑनलाइन पंजीकरण, चुनाव संबंधी जानकारी और ऑडिट रिपोर्ट की सुविधा उपलब्ध है। |
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया (स्टेप-बाय-स्टेप)
| यदि कोई किसान पहली बार इस पोर्टल का उपयोग कर रहा है, तो उसे निम्नलिखित प्रक्रिया अपनानी चाहिए: वेबसाइट पर जाएँ: सबसे पहले esahkari.bihar.gov.in पर लॉगिन करें। पंजीकरण (Registration): यदि किसान के पास ‘कृषि विभाग’ का पंजीकरण नंबर है, तो उसका उपयोग करें। अन्यथा, नया पंजीकरण करें। योजना का चयन: होमपेज पर अपनी आवश्यकतानुसार ‘फसल सहायता’ या ‘अधिप्राप्ति’ लिंक पर क्लिक करें। दस्तावेज अपलोड: फोटो, पहचान पत्र और जमीन से जुड़े दस्तावेज (PDF या JPG फॉर्मेट में) अपलोड करें। सबमिट और रसीद: फॉर्म जमा करने के बाद पावती रसीद (Acknowledgement Receipt) डाउनलोड करें, जो भविष्य के लिए आवश्यक है। |
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग (Land Records)
| बिहार में ज़मीन से जुड़े कामों की भारी डिमांड रहती है। आप अपने पोर्टल पर इनके बारे में विस्तार से जानकारी दे सकते हैं: परिमाप (Survey): बिहार में चल रहे विशेष सर्वेक्षण (Special Survey) की जानकारी। भू-लगान (Bhulagan): ऑनलाइन लगान रसीद काटना। दाखिल-खारिज (Mutation): जमीन खरीद-बिक्री के बाद नाम चढ़ाने की प्रक्रिया। एलपीसी (LPC): जमीन का ऑनलाइन प्रमाण पत्र कैसे प्राप्त करें। |
पैसा आने की पूरी प्रक्रिया (Step-by-Step)
| ऑनलाइन आवेदन: सबसे पहले, किसान या छात्र पोर्टल पर अपना आवेदन करते हैं। (जैसे eSahkari, Medhasoft, या RTPS पोर्टल)। सत्यापन (Verification): यह सबसे महत्वपूर्ण चरण है। ब्लॉक/अंचल स्तर: आपके स्थानीय कार्यालय (Block Office) के अधिकारी कागजात (जैसे खतियान, आधार, आय प्रमाण पत्र) की जांच करते हैं। डिजिटल सिग्नेचर: अधिकारी पोर्टल पर डिजिटल हस्ताक्षर करके आवेदन को ‘अप्रूव’ (Approve) करते हैं। |
ग्राहकों को क्या चेक करना चाहिए? (सबसे जरूरी बातें)
| जब आपके पास कोई ग्राहक पैसे का स्टेटस चेक करने आए, तो आप उन्हें ये 3 चीजें जरूर बताएं: Aadhaar-Bank Seeding (सबसे महत्वपूर्ण): पैसा उसी बैंक में जाएगा जो आधार से जुड़ा (Seed) होगा। कई बार ग्राहक का खाता तो होता है, लेकिन उसमें आधार लिंक नहीं होता। उन्हें बैंक जाकर NPCI Mapping करवाने को कहें। DBT Status Check: हर पोर्टल का अपना ‘Status Check’ पेज होता है। वहां जाकर लाभार्थी अपना ‘Application ID’ या ‘आधार नंबर’ डालकर देख सकते हैं कि आवेदन किस अधिकारी के पास पेंडिंग है। बैंक में केवाईसी (KYC): अगर बैंक खाता बहुत पुराना है या लंबे समय से लेनदेन नहीं हुआ है, तो बैंक उसे ‘इनएक्टिव’ (Inactive) कर देता है। पैसा तभी आएगा जब अकाउंट ‘Active’ होगा। |
बिहार सरकारी योजनाएं: महत्वपूर्ण डायरेक्ट लिंक्स (2026)
| क्रम संख्या | विभाग / योजना का नाम | मुख्य कार्य (Service) | आधिकारिक डायरेक्ट लिंक (Direct Link) |
| 1 | eSahkari (सहकारिता विभाग) | फसल सहायता, धान/गेहूँ अधिप्राप्ति | Click Here |
| 2 | Bhulagan (भूमि लगान) | ऑनलाइन रसीद काटना | Click Here |
| 3 | Parimarjan (परिमार्जन) | जमाबंदी में सुधार के लिए | Click Here |
| 4 | DBT Agriculture (कृषि विभाग) | बीज, खाद, कृषि यंत्र सब्सिडी | Click Here |
| 5 | NPCI Status | NPCI Status | Click Here |
ऑनलाइन आवेदन की सामान्य प्रक्रिया (Universal Steps)
किसी भी सरकारी पोर्टल (जैसे RTPS, eSahkari, Medhasoft) पर आवेदन करने के लिए ये 6 कदम अपनाएं:
| चरण | क्या करना है? | महत्वपूर्ण सलाह |
| 1. वेबसाइट | ऊपर दी गई टेबल से सही आधिकारिक वेबसाइट खोलें। | हमेशा gov.in या nic.in वाले लिंक ही खोलें। |
| 2. रजिस्ट्रेशन | ‘New Registration’ या ‘Sign Up’ पर क्लिक करें। | आधार नंबर और मोबाइल नंबर का उपयोग करें। |
| 3. लॉगिन | प्राप्त ‘User ID’ और ‘Password’ से लॉगिन करें। | ID/Password को एक डायरी में लिख कर रखें। |
| 4. फॉर्म भरना | व्यक्तिगत जानकारी (नाम, पता, आधार) भरें। | डेटा भरते समय आधार कार्ड से मिलान जरूर करें। |
| 5. दस्तावेज | PDF (आमतौर पर 100KB-400KB) में स्कैन कॉपी अपलोड करें। | साफ फोटो और सही डॉक्यूमेंट ही अपलोड करें। |
| 6. फाइनल सबमिट | फॉर्म सबमिट करके ‘Acknowledgement Slip’ प्रिंट करें। | रसीद पर ‘Application Number’ होता है, जो भविष्य में स्टेटस चेक करने के काम आएगा। |
** आवेदन करने से पहले आवश्यक जानकारी पढ़ लें
| 1. कृषि विभाग के डी.बी.टी. पोर्टल पर निबंधित किसान सीधे योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकते है । अनिबंधित किसान को पहले डी.बी.टी. पोर्टल पर निबंधन करना आवश्यक है | यदि किसान पंजीकरण संख्या नहीं है तो इस लिंक पर जाकर पंजीकरण करें – किसान पंजीकरण | 2. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत निबंधित किसान सिर्फ रैयत श्रेणी अथवा आंशिक रूप से रैयत तथा गैर -रैयत श्रेणी में ही आवेदन कर सकते है | 3.आवेदन हेतु सभी श्रेणी के किसानों को बुआई की गई फसाल, बुभाई क्षेत्र से संबंधित भूमि की विवरणी यथा-खाता संख्या, खेसरा संख्या, थाना संख्या एवं कम्प्यूटराइज जमाबंदी संख्या अथवा बुआई के कुल रकबा की जानकारी देना अनिवार्य है। 4.सभी श्रेणी के किसानों को आवेदन के समय विहित प्रपत्र में भरे हुए स्व-घोषणा पत्र अपलोड करना अनिवार्य है। परन्तु, गैर-रैयत एवं आंशिक रूप से रैयत एवं गैर-रैयत श्रेणी के किसानों को मुखिया/सरपंच/वार्ड सदस्य एवं कृषि समन्वयक द्वारा संयुक्त रूप से प्रतिहस्ताक्षरित घोषणा-पत्र अपलोड करना अनिवार्य है। |
कैफे संचालकों के लिए ‘स्मार्ट ट्रिक्स’ (Status कैसे देखें):
| जब कोई ग्राहक आपसे स्टेटस चेक करवाने आए, तो ये 3 नियम हमेशा याद रखें: Application ID (आवेदन संख्या) तैयार रखें: बिना आवेदन संख्या के स्टेटस नहीं खुलेगा। यदि ग्राहक के पास रसीद नहीं है, तो उसे ‘Search by Mobile’ या ‘Search by Aadhaar’ वाला विकल्प दें (जो कि कई पोर्टल्स पर उपलब्ध है)। OTP का इस्तेमाल: आजकल ज्यादातर पोर्टल्स पर सुरक्षा के लिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आता है। ग्राहक को कहें कि वे अपना मोबाइल साथ रखें। स्टेटस का मतलब (Status Meanings): * Pending at Block: आवेदन अभी भी आपके स्थानीय अंचल/प्रखंड कार्यालय के अधिकारी के पास है। (उन्हें ब्लॉक जाने की सलाह दें)। Approved: आवेदन स्वीकार हो चुका है, अब पैसे आने का इंतजार है। Rejected: आवेदन में गलती है (जैसे फोटो साफ न होना, नाम में स्पेलिंग मिस्टेक)। आप तुरंत उसे फिर से अप्लाई कर सकते हैं। |
