Bihar Farmer Registry
बिहार सरकार के कृषि विभाग द्वारा राज्य के किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए ‘बिहार फार्मर रजिस्ट्री’ (Bihar Farmer Registry) पोर्टल की शुरुआत की गई है। यह पोर्टल एग्री-स्टैक (AgriStack) पहल का हिस्सा है, जिसके तहत प्रत्येक किसान को एक विशिष्ट डिजिटल पहचान यानी ‘यूनिक फार्मर आईडी’ (Unique Farmer ID) प्रदान की जा रही है।
नीचे इस पोर्टल और फार्मर आईडी से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई है:
बिहार फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल: एक विस्तृत परिचय
बिहार फार्मर रजिस्ट्री एक ऐसा डिजिटल डेटाबेस है जहाँ किसानों की व्यक्तिगत जानकारी, उनकी कृषि योग्य भूमि का विवरण और फसल से जुड़ी जानकारियां एक जगह संकलित की जाती हैं। वर्तमान में बिहार के लगभग 73 लाख किसान विभिन्न योजनाओं का लाभ ले रहे हैं, लेकिन पारदर्शिता लाने के लिए अब उन सभी का इस पोर्टल पर पंजीकृत होना अनिवार्य कर दिया गया है।
1. पोर्टल का मुख्य उद्देश्य
इस पोर्टल को शुरू करने के पीछे सरकार के कई महत्वपूर्ण लक्ष्य हैं:
- पारदर्शिता: बिचौलियों को खत्म कर लाभ सीधे किसान के खाते में पहुँचाना।
- फर्जीवाड़े पर रोक: एक ही जमीन पर बार-बार या गलत तरीके से सब्सिडी लेने वालों की पहचान करना।
- सटीक डेटा: सरकार के पास सटीक जानकारी होगी कि किस जिले में कितनी भूमि पर कौन सी फसल उगाई जा रही है।
2. फार्मर आईडी (Farmer ID) क्यों जरूरी है?
यदि आप बिहार के किसान हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ लेते रहना चाहते हैं, तो यह आईडी आपके लिए अनिवार्य है:
- PM-Kisan सम्मान निधि: आगामी किस्तों (जैसे 22वीं किस्त) के लिए फार्मर आईडी को लिंक करना अनिवार्य हो सकता है।
- कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि: बिहार सरकार ने राज्य के किसानों के लिए अलग से सालाना 3,000 रुपये देने की घोषणा की है, जिसका लाभ केवल रजिस्टर्ड किसानों को मिलेगा।
- सब्सिडी और अनुदान: डीजल अनुदान, बीज, खाद और कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सब्सिडी के लिए अब फार्मर आईडी ही मुख्य आधार होगी।
3. पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज
रजिस्ट्रेशन के दौरान आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:
- आधार कार्ड: मोबाइल नंबर से लिंक होना अनिवार्य है (OTP सत्यापन के लिए)।
- भूमि के दस्तावेज: जमाबंदी संख्या, खतियान या रसीद (LPC)।
- मोबाइल नंबर: जो आधार और बैंक खाते से जुड़ा हो।
- बैंक पासबुक: DBT के माध्यम से पैसा प्राप्त करने के लिए।
4. आवेदन की प्रक्रिया (How to Apply)
किसान भाई दो तरीके से अपनी रजिस्ट्री करवा सकते हैं:
- स्वयं द्वारा (Self Registration): आधिकारिक वेबसाइट
bhfr.agristack.gov.inपर जाकर आधार और ओटीपी के माध्यम से स्वयं पंजीकरण कर सकते हैं। - कॉमन सर्विस सेंटर (CSC/Vasudha Kendra): अपने नजदीकी वसुधा केंद्र पर जाकर भी आप यह काम करवा सकते हैं। वर्तमान में सरकार ने विशेष कैंप लगाकर इसे निःशुल्क कर दिया है।
महत्वपूर्ण लिंक (Official Links Table)
| सुविधा का नाम | आधिकारिक पोर्टल / लिंक |
| फार्मर रजिस्ट्री मुख्य पोर्टल | यहाँ क्लिक करें |
| फार्मर रजिस्ट्री स्थिति | यहाँ क्लिक करें |
| फार्मर रजिस्ट्री Csc Login | यहाँ क्लिक करें |
| हेल्पलाइन नंबर (कृषि विभाग) | 1800-180-1551 |
निष्कर्ष
बिहार फार्मर रजिस्ट्री न केवल एक पंजीकरण प्रक्रिया है, बल्कि यह भविष्य की ‘डिजिटल खेती’ की नींव है। इससे किसानों को खाद, बीज और फसल बीमा के दावों के निपटान में लगने वाले समय में कमी आएगी। यदि आपने अभी तक अपनी फार्मर आईडी नहीं बनवाई है, तो इसे तुरंत पूरा करें ताकि सरकारी लाभों में कोई रुकावट न आए।